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ऋग्वेद 24.1

योनि॑ष्ट इन्द्र॒ सद॑ने अकारि॒ तमा नृभि॑ः पुरुहूत॒ प्र या॑हि ।
असो॒ यथा॑ नोऽवि॒ता वृ॒धे च॒ ददो॒ वसू॑नि म॒मद॑श्च॒ सोमै॑ः ॥१॥

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