ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5959.5ऋग्वेद 59.5इन्द्रा॑ग्नी॒ को अ॒स्य वां॒ देवौ॒ मर्त॑श्चिकेतति । विषू॑चो॒ अश्वा॑न्युयुजा॒न ई॑यत॒ एक॑ः समा॒न आ रथे॑ ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय