ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5757.6ऋग्वेद 57.6उत्पू॒षणं॑ युवामहे॒ऽभीशूँ॑रिव॒ सार॑थिः । म॒ह्या इन्द्रं॑ स्व॒स्तये॑ ॥६॥पिछलापूरा अध्याय