Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 57.1

इन्द्रा॒ नु पू॒षणा॑ व॒यं स॒ख्याय॑ स्व॒स्तये॑ । हु॒वेम॒ वाज॑सातये ॥१॥

पूरा अध्याय