ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5454.2ऋग्वेद 54.2समु॑ पू॒ष्णा ग॑मेमहि॒ यो गृ॒हाँ अ॑भि॒शास॑ति । इ॒म ए॒वेति॑ च॒ ब्रव॑त् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय