ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5353.7ऋग्वेद 53.7आ रि॑ख किकि॒रा कृ॑णु पणी॒नां हृद॑या कवे । अथे॑म॒स्मभ्यं॑ रन्धय ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय