ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5353.5ऋग्वेद 53.5परि॑ तृन्धि पणी॒नामार॑या॒ हृद॑या कवे । अथे॑म॒स्मभ्यं॑ रन्धय ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय