ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 5353.10ऋग्वेद 53.10उ॒त नो॑ गो॒षणिं॒ धिय॑मश्व॒सां वा॑ज॒सामु॒त । नृ॒वत्कृ॑णुहि वी॒तये॑ ॥१०॥पिछलापूरा अध्याय