ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 4545.4ऋग्वेद 45.4सखा॑यो॒ ब्रह्म॑वाह॒सेऽर्च॑त॒ प्र च॑ गायत । स हि न॒ः प्रम॑तिर्म॒ही ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय