ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 4545.27ऋग्वेद 45.27स म॑न्दस्वा॒ ह्यन्ध॑सो॒ राध॑से त॒न्वा॑ म॒हे । न स्तो॒तारं॑ नि॒दे क॑रः ॥२७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय