ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 4242.1ऋग्वेद 42.1प्रत्य॑स्मै॒ पिपी॑षते॒ विश्वा॑नि वि॒दुषे॑ भर । अ॒रं॒ग॒माय॒ जग्म॒येऽप॑श्चाद्दघ्वने॒ नरे॑ ॥१॥अगलापूरा अध्याय