ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 3131.1ऋग्वेद 31.1अभू॒रेको॑ रयिपते रयी॒णामा हस्त॑योरधिथा इन्द्र कृ॒ष्टीः । वि तो॒के अ॒प्सु तन॑ये च॒ सूरेऽवो॑चन्त चर्ष॒णयो॒ विवा॑चः ॥१॥अगलापूरा अध्याय