Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 25.9

ए॒वा न॒ः स्पृध॒ः सम॑जा स॒मत्स्विन्द्र॑ रार॒न्धि मि॑थ॒तीरदे॑वीः ।
वि॒द्याम॒ वस्तो॒रव॑सा गृ॒णन्तो॑ भ॒रद्वा॑जा उ॒त त॑ इन्द्र नू॒नम् ॥९॥

पूरा अध्याय