ग्रंथऋग्वेदमण्डल 6सूक्त 1616.44ऋग्वेद 16.44अच्छा॑ नो या॒ह्या व॑हा॒ऽभि प्रयां॑सि वी॒तये॑ । आ दे॒वान् त्सो॒म॑पीतये ॥४४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय