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ऋग्वेद 15.14

अग्ने॒ यद॒द्य वि॒शो अ॑ध्वरस्य होत॒ः पाव॑कशोचे॒ वेष्ट्वं हि यज्वा॑ ।
ऋ॒ता य॑जासि महि॒ना वि यद् भूर्ह॒व्या व॑ह यविष्ठ॒ या ते॑ अ॒द्य ॥१४॥

पूरा अध्याय