ग्रंथऋग्वेदमण्डल 5सूक्त 8484.1ऋग्वेद 84.1बळि॒त्था पर्व॑तानां खि॒द्रं बि॑भर्षि पृथिवि । प्र या भूमिं॑ प्रवत्वति म॒ह्ना जि॒नोषि॑ महिनि ॥१॥अगलापूरा अध्याय