Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 82.4

अ॒द्या नो॑ देव सवितः प्र॒जाव॑त् सावी॒ः सौभ॑गम् । परा॑ दु॒ष्ष्वप्न्यं॑ सुव ॥४॥

पूरा अध्याय