Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 74.2

कुह॒ त्या कुह॒ नु श्रु॒ता दि॒वि दे॒वा नास॑त्या । कस्मि॒न्ना य॑तथो॒ जने॒ को वां॑ न॒दीनां॒ सचा॑ ॥२॥

पूरा अध्याय