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ऋग्वेद 64.2

ता बा॒हवा॑ सुचे॒तुना॒ प्र य॑न्तमस्मा॒ अर्च॑ते । शेवं॒ हि जा॒र्यं॑ वां॒ विश्वा॑सु॒ क्षासु॒ जोगु॑वे ॥२॥

पूरा अध्याय