ग्रंथऋग्वेदमण्डल 5सूक्त 66.4ऋग्वेद 6.4आ ते॑ अग्न इधीमहि द्यु॒मन्तं॑ देवा॒जर॑म् । यद्ध॒ स्या ते॒ पनी॑यसी स॒मिद् दी॒दय॑ति॒ द्यवीषं॑ स्तो॒तृभ्य॒ आ भ॑र ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय