ग्रंथऋग्वेदमण्डल 5सूक्त 5353.8ऋग्वेद 53.8आ या॑त मरुतो दि॒व आन्तरि॑क्षाद॒मादु॒त । माव॑ स्थात परा॒वत॑ः ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय