ग्रंथऋग्वेदमण्डल 5सूक्त 5252.9ऋग्वेद 52.9उ॒त स्म॒ ते परु॑ष्ण्या॒मूर्णा॑ वसत शु॒न्ध्यव॑ः । उ॒त प॒व्या रथा॑ना॒मद्रिं॑ भिन्द॒न्त्योज॑सा ॥९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय