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ऋग्वेद 52.12

छ॒न्द॒ःस्तुभ॑ः कुभ॒न्यव॒ उत्स॒मा की॒रिणो॑ नृतुः ।
ते मे॒ के चि॒न्न ता॒यव॒ ऊमा॑ आसन् दृ॒शि त्वि॒षे ॥१२॥

पूरा अध्याय