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ऋग्वेद 40.3

वृषा॑ त्वा॒ वृष॑णं हुवे॒ वज्रि॑ञ्चि॒त्राभि॑रू॒तिभि॑ः । वृष॑न्निन्द्र॒ वृष॑भिर्वृत्रहन्तम ॥३॥

पूरा अध्याय