ग्रंथऋग्वेदमण्डल 4सूक्त 88.2ऋग्वेद 8.2स हि वेदा॒ वसु॑धितिं म॒हाँ आ॒रोध॑नं दि॒वः । स दे॒वाँ एह व॑क्षति ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय