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ऋग्वेद 41.7

यु॒वामिद्ध्यव॑से पू॒र्व्याय॒ परि॒ प्रभू॑ती ग॒विष॑ः स्वापी ।
वृ॒णी॒महे॑ स॒ख्याय॑ प्रि॒याय॒ शूरा॒ मंहि॑ष्ठा पि॒तरे॑व श॒म्भू ॥७॥

पूरा अध्याय