ग्रंथऋग्वेदमण्डल 4सूक्त 3232.21ऋग्वेद 32.21भू॒रि॒दा ह्यसि॑ श्रु॒तः पु॑रु॒त्रा शू॑र वृत्रहन् । आ नो॑ भजस्व॒ राध॑सि ॥२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय