ग्रंथऋग्वेदमण्डल 4सूक्त 3131.1ऋग्वेद 31.1कया॑ नश्चि॒त्र आ भु॑वदू॒ती स॒दावृ॑ध॒ः सखा॑ । कया॒ शचि॑ष्ठया वृ॒ता ॥१॥अगलापूरा अध्याय