ग्रंथऋग्वेदमण्डल 3सूक्त 6262.5ऋग्वेद 62.5शुचि॑म॒र्कैर्बृह॒स्पति॑मध्व॒रेषु॑ नमस्यत । अना॒म्योज॒ आ च॑के ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय