Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 54.5

को अ॒द्धा वे॑द॒ क इ॒ह प्र वो॑चद्दे॒वाँ अच्छा॑ प॒थ्या॒३ का समे॑ति ।
ददृ॑श्र एषामव॒मा सदां॑सि॒ परे॑षु॒ या गुह्ये॑षु व्र॒तेषु॑ ॥५॥

पूरा अध्याय