Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 42.5

इन्द्र॒ सोमा॑ः सु॒ता इ॒मे तान् द॑धिष्व शतक्रतो । ज॒ठरे॑ वाजिनीवसो ॥५॥

पूरा अध्याय