Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 38.1

अ॒भि तष्टे॑व दीधया मनी॒षामत्यो॒ न वा॒जी सु॒धुरो॒ जिहा॑नः ।
अ॒भि प्रि॒याणि॒ मर्मृ॑श॒त् परा॑णि क॒वीँरि॑च्छामि सं॒दृशे॑ सुमे॒धाः ॥१॥

पूरा अध्याय