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ऋग्वेद 25.4

अग्न॒ इन्द्र॑श्च दा॒शुषो॑ दुरो॒णे सु॒ताव॑तो य॒ज्ञमि॒होप॑ यातम् ।
अम॑र्धन्ता सोम॒पेया॑य देवा ॥४॥

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