Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 41.8

न यत् परो॒ नान्त॑र आद॒धर्ष॑द् वृषण्वसू । दु॒ःशंसो॒ मर्त्यो॑ रि॒पुः ॥८॥

पूरा अध्याय