Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 31.6

उ॒त व॒ः शंस॑मु॒शिजा॑मिव श्म॒स्यहि॑र्बु॒ध्न्यो॒३ऽज एक॑पादु॒त ।
त्रि॒त ऋ॑भु॒क्षाः स॑वि॒ता चनो॑ दधे॒ऽपां नपा॑दाशु॒हेमा॑ धि॒या शमि॑ ॥६॥

पूरा अध्याय