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ऋग्वेद 98.12

अग्ने॒ बाध॑स्व॒ वि मृधो॒ वि दु॒र्गहाऽपामी॑वा॒मप॒ रक्षां॑सि सेध ।
अ॒स्मात्स॑मु॒द्राद्बृ॑ह॒तो दि॒वो नो॒ऽपां भू॒मान॒मुप॑ नः सृजे॒ह ॥१२॥

पूरा अध्याय