Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 97.17

अ॒व॒पत॑न्तीरवदन्दि॒व ओष॑धय॒स्परि॑ । यं जी॒वम॒श्नवा॑महै॒ न स रि॑ष्याति॒ पूरु॑षः ॥१७॥

पूरा अध्याय