Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 85.30

अ॒श्री॒रा त॒नूर्भ॑वति॒ रुश॑ती पा॒पया॑मु॒या । पति॒र्यद्व॒ध्वो॒३ वास॑सा॒ स्वमङ्ग॑मभि॒धित्स॑ते ॥३०॥

पूरा अध्याय