Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 73.2

द्रु॒हो निष॑त्ता पृश॒नी चि॒देवै॑ः पु॒रू शंसे॑न वावृधु॒ष्ट इन्द्र॑म् ।
अ॒भीवृ॑तेव॒ ता म॑हाप॒देन॑ ध्वा॒न्तात्प्र॑पि॒त्वादुद॑रन्त॒ गर्भा॑ः ॥२॥

पूरा अध्याय