Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 62.7

इन्द्रे॑ण यु॒जा निः सृ॑जन्त वा॒घतो॑ व्र॒जं गोम॑न्तम॒श्विन॑म् । स॒हस्रं॑ मे॒ दद॑तो अष्टक॒र्ण्य१ः श्रवो॑ दे॒वेष्व॑क्रत ॥७॥

पूरा अध्याय