Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 57.6

व॒यं सो॑म व्र॒ते तव॒ मन॑स्त॒नूषु॒ बिभ्र॑तः । प्र॒जाव॑न्तः सचेमहि ॥६॥

पूरा अध्याय