Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 37.3

न ते॒ अदे॑वः प्र॒दिवो॒ नि वा॑सते॒ यदे॑त॒शेभि॑ः पत॒रै र॑थ॒र्यसि॑ ।
प्रा॒चीन॑म॒न्यदनु॑ वर्तते॒ रज॒ उद॒न्येन॒ ज्योति॑षा यासि सूर्य ॥३॥

पूरा अध्याय