ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 2626.3ऋग्वेद 26.3स वे॑द सुष्टुती॒नामिन्दु॒र्न पू॒षा वृषा॑ । अ॒भि प्सुर॑ः प्रुषायति व्र॒जं न॒ आ प्रु॑षायति ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय