Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 26.1

प्र ह्यच्छा॑ मनी॒षा स्पा॒र्हा यन्ति॑ नि॒युत॑ः । प्र द॒स्रा नि॒युद्र॑थः पू॒षा अ॑विष्टु॒ माहि॑नः ॥१॥

पूरा अध्याय