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ऋग्वेद 25.7

त्वं न॑ः सोम वि॒श्वतो॑ गो॒पा अदा॑भ्यो भव । सेध॑ राज॒न्नप॒ स्रिधो॒ वि वो॒ मदे॒ मा नो॑ दु॒ःशंस॑ ईशता॒ विव॑क्षसे ॥७॥

पूरा अध्याय