ग्रंथऋग्वेदमण्डल 10सूक्त 191191.1ऋग्वेद 191.1संस॒मिद्यु॑वसे वृष॒न्नग्ने॒ विश्वा॑न्य॒र्य आ । इ॒ळस्प॒दे समि॑ध्यसे॒ स नो॒ वसू॒न्या भ॑र ॥१॥अगलापूरा अध्याय