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ऋग्वेद 18.1

परं॑ मृत्यो॒ अनु॒ परे॑हि॒ पन्थां॒ यस्ते॒ स्व इत॑रो देव॒याना॑त् ।
चक्षु॑ष्मते शृण्व॒ते ते॑ ब्रवीमि॒ मा न॑ः प्र॒जां री॑रिषो॒ मोत वी॒रान् ॥१॥

पूरा अध्याय