Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 175.4

ग्रावा॑णः सवि॒ता नु वो॑ दे॒वः सु॑वतु॒ धर्म॑णा । यज॑मानाय सुन्व॒ते ॥४॥

पूरा अध्याय