Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 171.4

त्वं त्यमि॑न्द्र॒ सूर्यं॑ प॒श्चा सन्तं॑ पु॒रस्कृ॑धि । दे॒वानां॑ चित्ति॒रो वश॑म् ॥४॥

पूरा अध्याय