Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 151.4

श्र॒द्धां दे॒वा यज॑माना वा॒युगो॑पा॒ उपा॑सते । श्र॒द्धां हृ॑द॒य्य१याकू॑त्या श्र॒द्धया॑ विन्दते॒ वसु॑ ॥४॥

पूरा अध्याय